ED ने पश्चिम बंगाल में 'सोना पप्पू' मामले से जुड़े नौ ठिकानों पर छापा मारा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 22-05-2026
ED raids nine places in West Bengal linked to Sona Pappu case
ED raids nine places in West Bengal linked to Sona Pappu case

 

नई दिल्ली 
 
अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में नौ जगहों पर तलाशी ली। यह तलाशी हिस्ट्री-शीटर ​​बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू से जुड़ी एक चल रही जांच के सिलसिले में की गई। इस दौरान कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया गया। ED की टीमों ने शुक्रवार तड़के तलाशी अभियान शुरू किया, जिसमें कोलकाता और मुर्शिदाबाद जिले की कुछ खास जगहों को शामिल किया गया। इन छापों में मामले से जुड़े अहम लोगों के ठिकानों को खंगाला गया, जिनमें मोहम्मद अली उर्फ ​​मैक्स राजू और सौरव अधिकारी शामिल हैं। सौरव अधिकारी, बिस्वास (जो पहले कालीघाट के ऑफिसर-इन-चार्ज थे) का भतीजा है। जांचकर्ताओं ने मुर्शिदाबाद जिले में बिस्वास की संपत्तियों की भी तलाशी ली।
 
जिन जगहों पर तलाशी ली गई, उनमें कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली का घर भी शामिल था। रुहिल अमीन अली पर बिस्वास का करीबी सहयोगी होने का शक है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई आरोपी और मामले से जुड़े अन्य लोगों से हिरासत में पूछताछ के दौरान सामने आए अहम तथ्यों के आधार पर की गई है।
 
अधिकारियों ने बताया कि ये तलाशी अभियान मामले में सबूत जुटाने और पैसों के लेन-देन के सुराग खोजने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं। यह केंद्रीय एजेंसी उस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय और आपराधिक संबंधों की जांच कर रही है, जिसकी जांच अभी चल रही है। यह कार्रवाई ED द्वारा 14 मई को बिस्वास की गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद हुई है। बिस्वास को जमीन हड़पने और बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ​​सोना पप्पू से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। सोना पप्पू को भी ED ने 18 मई को गिरफ्तार किया था।
 
19 अप्रैल को, एजेंसी ने 'सन एंटरप्राइज' के मैनेजिंग डायरेक्टर जय एस कामदार को सोना पप्पू और अन्य लोगों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था।
 
ED ने इससे पहले 1 अप्रैल को भी इस मामले में तलाशी अभियान चलाया था। उस दौरान 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67.64 लाख रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी, एक बिना लाइसेंस वाली बंदूक (रिवॉल्वर) और कई आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। इसके अलावा, जमीन और इमारतों के रूप में कई अचल संपत्तियों की भी पहचान की गई थी, जिनके बारे में माना जा रहा है कि उन्हें आपराधिक गतिविधियों के जरिए हासिल किया गया था। PMLA के तहत ED की जांच में अब तक यह खुलासा हुआ है कि 'अपराध से अर्जित धन' (Proceeds of Crime) अवैध गतिविधियों के ज़रिए पैदा किया गया था। इन गतिविधियों में जबरन वसूली, रियल एस्टेट संपत्तियों पर कब्ज़ा करना और सोना पप्पू तथा उसके साथियों द्वारा नियंत्रित संस्थाओं के माध्यम से अनाधिकृत निर्माण शामिल हैं।