Demand raised in RAAS to stop the alleged commission system between doctors and diagnostic centres
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने बृहस्पतिवार को डॉक्टरों को डायग्नोस्टिक केंद्रों द्वारा कथित तौर पर दिए जाने वाले 'कट मनी' का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए इस पर रोक लगाने और मरीजों के हितों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की।
चड्ढा ने कहा कि शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में बड़ी संख्या में मरीज डॉक्टरों की सलाह पर विभिन्न पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं और डायग्नोस्टिक केंद्रों में जांच कराते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मरीजों को ऐसे केंद्रों पर भेजा जाता है, जहां से डॉक्टरों को कमीशन या 'कट मनी' मिलती है। इससे न केवल चिकित्सा व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि मरीज डॉक्टर पर पूरा भरोसा करके जांच कराते हैं, लेकिन यदि जांच केंद्र के चयन के पीछे आर्थिक लाभ की मंशा हो तो यह चिकित्सा पेशे की नैतिकता के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कथित प्रथा से स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
चड्ढा ने सरकार से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने, डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक केंद्रों के बीच कथित कमीशन की व्यवस्था पर रोक लगाने तथा ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए प्रभावी नियामकीय व्यवस्था आवश्यक है, ताकि मरीजों के हितों की रक्षा की जा सके।