नारायण दत्त तिवारी की प्रतिमा लगाने की मुख्यमंत्री से मांग

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-07-2026
Demand made to the Chief Minister to install a statue of Narayan Datt Tiwari.
Demand made to the Chief Minister to install a statue of Narayan Datt Tiwari.

 

लखनऊ

ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर दिवंगत डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा को पुनः स्थापित कराने के लिए उनका आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की सार्वजनिक, राजनीतिक और प्रशासनिक सेवाओं को सम्मान देने के लिए लखनऊ के किसी प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने की मांग भी की है।

डॉ. अम्मार रिजवी ने अपने पत्र में कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि निशातगंज पुल के निकट स्थापित डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा, जिसे सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण हटाया गया था, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद किसी उपयुक्त और सम्मानजनक स्थान पर दोबारा स्थापित कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर नारायण दत्त तिवारी अभिनंदन समिति के सदस्यों और डॉ. सुशीला तिवारी के शुभचिंतकों में चिंता और असंतोष था।

मुख्यमंत्री के फैसले की सराहना

डॉ. रिजवी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा को पहले की तुलना में अधिक सुंदर, उपयुक्त और गरिमापूर्ण स्थान पर पुनः स्थापित कराने का निर्णय लिया। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम महान व्यक्तित्वों के सम्मान और जनभावनाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. सुशीला तिवारी केवल एक प्रतिष्ठित चिकित्सक ही नहीं थीं, बल्कि समाजसेवा और मानवता की सेवा के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने जीवनभर जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी। यद्यपि उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन चिकित्सा सेवा और सामाजिक योगदान के कारण वे लोगों के बीच अत्यंत सम्मानित रहीं।

डॉ. रिजवी ने कहा कि डॉ. सुशीला तिवारी का जीवन त्याग, सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का प्रतीक था। उनकी स्मृति को सम्मानित करने का मुख्यमंत्री का निर्णय समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।

नारायण दत्त तिवारी की सेवाओं का किया उल्लेख

अपने पत्र में डॉ. अम्मार रिजवी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के योगदान का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नारायण दत्त तिवारी देश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में गिने जाते थे और उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

उन्होंने याद दिलाया कि नारायण दत्त तिवारी तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार में वित्त मंत्री, विदेश मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला। वह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राज्यपाल भी रहे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में प्रशासन, औद्योगिक विकास, निवेश और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।

प्रतिमा स्थापना की मांग

डॉ. रिजवी ने कहा कि इतने बड़े राष्ट्रीय नेता की स्मृति में आज तक लखनऊ या किसी अन्य प्रमुख स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित नहीं की गई है, जो खेद का विषय है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि नारायण दत्त तिवारी की सार्वजनिक सेवाओं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए लखनऊ के किसी उपयुक्त और सम्मानजनक स्थान पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना था कि इससे आने वाली पीढ़ियों को तिवारी के योगदान और सार्वजनिक जीवन से प्रेरणा मिलेगी।

सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद

डॉ. अम्मार रिजवी ने अपने पत्र के अंत में आशा व्यक्त की कि जिस तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. सुशीला तिवारी की प्रतिमा के पुनर्स्थापन के मामले में जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सकारात्मक निर्णय लिया, उसी प्रकार वे नारायण दत्त तिवारी की स्मृति में प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी संवेदनशीलता के साथ विचार करेंगे।

उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान केवल उनकी स्मृति को जीवित रखने का माध्यम नहीं होता, बल्कि यह नई पीढ़ी को उनके आदर्शों और सार्वजनिक सेवा की भावना से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण अवसर होता है।

ऑल इंडिया माइनॉरिटीज फोरम फॉर डेमोक्रेसी ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर दोनों महान हस्तियों के योगदान को उचित सम्मान देगी।