आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय राजधानी में दशहरे के बाद से वायु गुणवत्ता में गिरावट आयी है और बृहस्पतिवार को यह ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।
शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है।
शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली में बुधवार को इस मौसम का पहला ‘खराब’ वायु गुणवत्ता वाला दिन दर्ज किया गया था। इस दौरान एक्यूआई 245 तक पहुंच गया, जो पिछले 100 दिनों का उच्चतम स्तर था। इसके बाद केंद्र ने पूरी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) के पहले चरण को लागू कर दिया।
दशहरे के बाद वायु गुणवत्ता में गिरावट आई। दशहरे पर दिल्ली और एनसीआर में कई जगहों पर पटाखों से भरे रावण के पुतले जलाए गए थे। हालांकि, उत्सव और वायु गुणवत्ता में गिरावट के बीच कोई सीधा संबंध नहीं बताया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बृहस्पतिवार को दिनभर आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।
न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 1.7 डिग्री अधिक है। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्ष आर्द्रता 89 प्रतिशत दर्ज की गई।