दशहरा समारोह के बाद दिल्ली में इस मौसम का पहला ‘खराब’ वायु गुणवत्ता वाला दिन दर्ज किया गया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 21-10-2026
Delhi records first ‘poor’ air quality day of season after Dussehra celebrations
Delhi records first ‘poor’ air quality day of season after Dussehra celebrations

 

नई दिल्ली 

बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी में इस मौसम का पहला दिन रहा जब हवा की गुणवत्ता "खराब" (poor) दर्ज की गई। दशहरा के जश्न के बाद शहर के कई हिस्सों में धुंध की एक मोटी परत छा गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 10:00 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 238 हो गया। मंगलवार दोपहर को यह 179 था, यानी इसमें 59 अंकों की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से दो जगहों—जहांगीरपुरी और पूसा—में हवा की गुणवत्ता "बहुत खराब" (very poor) श्रेणी में पहुंच गई, जहां AQI स्तर क्रमशः 308 और 314 दर्ज किया गया।
 
वहीं, आनंद विहार सहित 16 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता "मध्यम" (moderate) श्रेणी में बनी रही। पर्यावरण अधिकारियों का कहना है कि हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट मौसमी बदलावों के कारण हुई है। तापमान में कमी और हवा की गति में उतार-चढ़ाव के चलते हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व आसानी से फैल नहीं पाते और वातावरण में जमा होने लगते हैं। 12 और 13 जुलाई के बाद यह पहला मौका है जब दिल्ली में हवा की गुणवत्ता "खराब" (poor) श्रेणी में पहुंची है। उस समय AQI क्रमशः 261 और 246 दर्ज किया गया था। अक्टूबर के पूरे महीने में हवा की गुणवत्ता ज्यादातर "मध्यम" (moderate) श्रेणी में रही, जिसमें 12 और 16 अक्टूबर को हुई हल्की बारिश ने भी मदद की। हाल के दिनों की बात करें तो, 18 अक्टूबर को AQI 187, 19 अक्टूबर को 139 और मंगलवार शाम 4:00 बजे 179 दर्ज किया गया था।
 
CPCB के दिशानिर्देशों के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को "अच्छा" (good), 51 से 100 को "संतोषजनक" (satisfactory), 101 से 200 को "मध्यम" (moderate), 201 से 300 को "खराब" (poor), 301 से 400 को "बहुत खराब" (very poor) और 401 से 500 को "गंभीर" (severe) श्रेणी में रखा जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 24 घंटे के बुलेटिन के अनुसार, 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता गिरकर 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी के ऊपरी स्तर पर पहुँच गई। यहाँ वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 187 दर्ज किया गया, जो पिछले लगभग तीन महीनों (83 दिनों) में सबसे खराब स्तर है।
 
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी में मौजूद 46 सक्रिय वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 43 केंद्रों से मिले आंकड़ों के आधार पर, पूरे शहर में 'पार्टिकुलेट मैटर 10' (PM10) सबसे प्रमुख प्रदूषक रहा। 101 से 200 के बीच के AQI को 'मध्यम' श्रेणी में रखा जाता है। CPCB के अनुसार, इस स्तर पर "फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है।" यह बयान सर्दियों के मौसम से ठीक पहले आया है। सर्दियों में, मौसम संबंधी स्थितियों और प्रदूषण फैलाने वाले विभिन्न स्रोतों जैसे कई कारणों से दिल्ली-NCR में अक्सर हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है।