Delhi Lieutenant Governor expresses concern over low conviction rate, directs analysis of acquittal cases
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दोषसिद्धि की कम दर, लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और मामलों के निपटारे में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को दिल्ली सरकार के अभियोजन निदेशालय को जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संधू ने कहा, “न्याय में देरी का मतलब न्याय से वंचित होना नहीं होना चाहिए। हर टाली जा सकने वाली देरी और चूक को दूर किया जाना चाहिए।”
उपराज्यपाल के आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, संधू ने एक समीक्षा बैठक में इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने दोषसिद्धि की कम दर, लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और उनके निपटारे में हो रही देरी पर चिंता जताई। साथ ही, आरोपियों के बरी होने के मामलों का विश्लेषण करने, कमियों की पहचान करने और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने को कहा।
पोस्ट में कहा गया कि संधू ने मामलों की निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने, मुकदमों में देरी के कारणों की पहचान करने, दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के बीच समन्वय मजबूत करने तथा जांच अधिकारियों को प्रभावी ढंग से जानकारी देने के भी निर्देश दिए।
संधू ने कहा, “न्याय में देरी का मतलब न्याय से वंचित होना नहीं होना चाहिए। हर टाली जा सकने वाली देरी और चूक को दूर किया जाना चाहिए।”
उपराज्यपाल के आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, संधू ने एक समीक्षा बैठक में इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने दोषसिद्धि की कम दर, लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और उनके निपटारे में हो रही देरी पर चिंता जताई। साथ ही, आरोपियों के बरी होने के मामलों का विश्लेषण करने, कमियों की पहचान करने और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय करने को कहा।
पोस्ट में कहा गया कि संधू ने मामलों की निगरानी प्रणाली को बेहतर बनाने, मुकदमों में देरी के कारणों की पहचान करने, दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के बीच समन्वय मजबूत करने तथा जांच अधिकारियों को प्रभावी ढंग से जानकारी देने के भी निर्देश दिए।