आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी गुटों को पार्टी का नाम और उसके ‘पुष्प एवं तृण’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोकने के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक इस मामले में जानबूझकर फैसला टाला है।
सरकार ने एक बयान में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न को लेकर विवाद नया नहीं है और निर्वाचन आयोग को इस मामले का जल्द समाधान करना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमें यह देखकर हैरानी हुई कि निर्वाचन आयोग ने इस मामले में जानबूझकर देरी की और रेजीनगर एवं नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच की प्रक्रिया समाप्त होने के दिन ही अपना फैसला सुनाते हुए चुनाव चिह्न पर रोक लगा दी। इससे फैसले के पीछे के उद्देश्य को लेकर गंभीर संदेह पैदा होता है।’’
सरकार ने कहा कि संविधान में बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र की परिकल्पना की गई है जो ‘‘लोकतंत्र की खूबसूरती’’ है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था देश में बहुलतावाद की मूल भावना को दर्शाती है।