नयी दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर जर्मनी में पांच साल से अधिक समय से रह रही भारतीय बच्ची, अरिहा शाह की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
ब्रिटास ने पत्र में उल्लेख किया कि अरिहा शाह, जो अब लगभग पांच साल की हो चुकी हैं, जर्मन बाल सेवा विभाग की देखरेख में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि जर्मनी के एक अस्पताल ने शारीरिक दुर्व्यवहार के आरोपों को खारिज किया है और अदालत द्वारा नियुक्त एक मनोवैज्ञानिक ने यह सिफारिश की है कि बच्ची को उसके माता-पिता की देखभाल में भेजा जाए।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की 12-13 जनवरी को होने वाली भारत यात्रा से पहले, ब्रिटास ने विदेश मंत्री से यह मुद्दा उठाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बच्चों के अधिकारों, पारिवारिक एकता और अंतरराष्ट्रीय बाल अधिकार संधियों के पालन के संदर्भ में एक उपयुक्त अवसर है।
अरिहा शाह को 23 सितंबर, 2021 को जर्मन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था जब वह केवल सात महीने की थीं। इस घटना के बाद, जर्मनी में बच्ची को अलग-अलग पालक परिवारों में रखा गया है, जिससे वह किसी स्थिर और सुरक्षित वातावरण से वंचित रही है। ब्रिटास ने यह भी उल्लेख किया कि बच्ची के शाकाहारी होने के बावजूद उसे मांसाहारी भोजन दिया जा रहा है, जो उसके परिवार की इच्छा के खिलाफ है।
ब्रिटास ने कहा कि इस मुद्दे को जर्मन चांसलर की भारत यात्रा के दौरान उच्च राजनीतिक स्तर पर उठाने से मानवीय और कानूनी समाधान निकल सकता है, जो बच्ची के सर्वोत्तम हित में होगा।