आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा 16 मुकदमे लंबित होने और लौटकर नहीं आने की दलीलों को दरकिनार करते हुए सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के उपचार के वास्ते तीन हफ्ते के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने टिप्पणी की कि हर व्यक्ति को अपने इलाज के लिए चिकित्सक को चुनने का अधिकार है। साथ ही बनर्जी को निर्देश दिया कि वह विदेश में ठहरने के स्थान सहित अपनी यात्रा का पूरा ब्योरा जांच एजेंसी को दें।
तृणमूल सांसद ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा पांच अगस्त को दिये गए उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं दी गई थी।
पश्चिम बंगाल सरकार का पक्ष रखने के लिए पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने उच्चतम न्यायालय को बताया कि बनर्जी के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें आशंका है कि वह शायद वापस न लौटे।’’
पीठ ने कहा, ‘‘प्रत्येक व्यक्ति को विदेश जाने का अधिकार है। हर व्यक्ति को अपने इलाज के लिए चिकित्सक को चुनने का अधिकार है।’’