बरेली/कोच्चि
फिल्म The Kerala Story 2 को लेकर देशभर में नई बहस छिड़ गई है। All India Muslim Jamaat (AIMJ) के अध्यक्ष मौलाना शाहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने फिल्म पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “फर्जी कथानक पर आधारित” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी फिल्में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और हिंदू–मुस्लिम भाईचारे को कमजोर करने का काम करती हैं।
एएनआई से बातचीत में रज़वी ने कहा कि आजकल कुछ फिल्म निर्माता किसी भी तरह से कमाई के उद्देश्य से संवेदनशील मुद्दों को उठाकर समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यह एक सुनियोजित प्रयास है जिसके जरिए मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
केरल हाईकोर्ट का दखल, सेंसर सर्टिफिकेट पर सवाल
विवाद के बीच Kerala High Court ने गुरुवार को Central Board of Film Certification (CBFC) और फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। यह कदम उस याचिका पर संज्ञान लेते हुए उठाया गया, जिसमें फिल्म को दिए गए सेंसर प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता श्रीदेव नंबूथिरी, जो कन्नूर जिले के चिट्टारिपरंबा के निवासी हैं, ने दावा किया है कि फिल्म में “दुर्भावनापूर्ण और रूढ़िबद्ध चित्रण” के जरिए पूरे राज्य की छवि को धूमिल किया गया है। याचिका में कहा गया है कि ट्रेलर की कहानी भले ही अन्य राज्यों की महिलाओं पर आधारित दिखाई गई हो, लेकिन शीर्षक और कुछ दृश्य केरल को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करते हैं।
अदालत ने सीबीएफसी से जवाब मांगा है और फिल्म के निर्माता Sunshine Pictures को भी अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
फिल्म को लेकर राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। Pinarayi Vijayan ने कथित सीक्वल का विरोध करते हुए कहा कि यह राज्य में “सांप्रदायिक वैमनस्य” फैलाने का प्रयास हो सकता है।
हाल ही में जारी ट्रेलर में कथित तौर पर दिखाया गया है कि कुछ महिलाओं को प्रेम के नाम पर फंसाया जाता है और उनकी स्वतंत्रता प्रभावित होती है। फिल्म की पटकथा अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखी है तथा निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है।फिलहाल, मामला अदालत में विचाराधीन है और आगामी सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।