आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और छात्रों ने ईद-उल-अजहा के दिन 28 मई को होने वाली परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित करने की मांग की है, ताकि त्योहार मनाने वाले छात्रों और कर्मचारियों को असुविधा न हो।
सोमवार को विश्वविद्यालय की जनरल ब्रांच-2 की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि ईद-उल-अजहा के दिन 28 मई को विश्वविद्यालय के सभी कार्यालय, संकाय, विभाग, कॉलेज और संस्थान बंद रहेंगे।
हालांकि, अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया कि “परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाएंगी।”
इस घोषणा के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डीयूटीए) के कई सदस्यों ने कुलपति योगेश सिंह को पत्र लिखकर 28 मई की परीक्षाएं स्थगित करने का अनुरोध किया।
इस बीच, डीयू के रजिस्ट्रार विकास गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विश्वविद्यालय फिलहाल परीक्षाओं को पुनर्निर्धारित करने पर विचार नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हालांकि, जो छात्र त्योहार के कारण परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, उनके लिए बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
उन्होंने कहा, “कई छात्रों को नौकरी या अगले पाठ्यक्रम के साक्षात्कार के लिए जाना होता है। यदि परीक्षा स्थगित की जाती है तो बड़ी समस्या खड़ी होगी, क्योंकि अगले कुछ दिन में परीक्षाओं को समायोजित करना संभव नहीं होगा।”
उन्होंने कहा, “यदि त्योहार मनाने वाले छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होने का फैसला करते हैं, तो वे हमें सूचित कर सकते हैं। हम उनके लिए बाद में, संभवतः जुलाई में, दोबारा परीक्षा आयोजित करेंगे। हालांकि इससे उनकी पूरी प्रक्रिया में काफी देरी होगी।”
शिक्षकों के पत्र में कहा गया है कि हजारों मुस्लिम छात्र, शिक्षक और कर्मचारी ईद से जुड़े कर्मकांड में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
पत्र में कहा गया है, “इतने महत्वपूर्ण धार्मिक त्योहार पर परीक्षाएं आयोजित करने से संबंधित छात्रों को काफी असुविधा और मानसिक परेशानी हो सकती है।”
पत्र में आगे कहा गया है, “हम उम्मीद करते हैं कि छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को परीक्षा के दबाव के बिना त्योहार मनाने का अवसर दिया जाएगा।”
इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (आइसा) ने भी विश्वविद्यालय के फैसले की आलोचना करते हुए इसे “असंवेदनशील, बहिष्कार योग्य और बेहद समस्याग्रस्त” बताया।