Constitution is in danger, SP will celebrate Ambedkar Jayanti at village level: Akhilesh Yadav
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि संविधान खतरे में है और संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। यादव ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर जमीनी स्तर पर जागरूकता बढ़ाएगी।
यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि पार्टी ने 14 अप्रैल को ग्राम स्तर पर बीआर आंबेडकर की जयंती मनाने का फैसला किया है, जहां ‘संविधान के सामने मौजूद संकट’ पर चर्चा की जाएगी।
उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह ‘अमृत काल’ नहीं है, बल्कि संकट काल है। संविधान के लिए खतरा है और हम इस चर्चा को गांवों तक ले जाएंगे।"
यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संविधान के अनुसार काम नहीं करते बल्कि "मानव-विधान" (मनमाना शासन) का पालन करते हैं। उन्होंने टिप्पणी की, "हम लोकतंत्र चाहते हैं, वो एक-तंत्र चाहते हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया, "हम लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं, लेकिन वे ऐसी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं जो इसे कमजोर कर दे। संविधान हमारा रक्षक और हमारी नींव है और संस्थानों के माध्यम से इस नींव को हिलाने और कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।"
अपनी पार्टी की वैचारिक जड़ों का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान, समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया द्वारा दिखाए गए रास्ते और "नेताजी" (सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव) की विरासत का अनुसरण करती है।
यादव ने कहा कि सपा का उद्देश्य समाजवादी व्यवस्था की दिशा में काम करके समाज को विकास की एक नई दिशा प्रदान करना है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर "सौदागर" (व्यापारियों) की तरह काम करने का आरोप लगाया।
यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का ध्यान संपत्ति बेचने, मुनाफा कमाने और निजीकरण पर है, जिससे भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी के साथ-साथ महंगाई भी बढ़ रही है।
यादव ने कहा कि निवेश के बड़े-बड़े दावों के बावजूद सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वास्तव में कितना निवेश आया है या कितनी नौकरियां सृजित हुई हैं।