नई दिल्ली
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को जबलपुर के ग्वारीघाट में नर्मदा नदी में सीवेज के पानी के मिलने की गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो दूषित पानी लोगों तक पहुंचने से बड़ा हादसा हो सकता है।
एक पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने लिखा, "जबलपुर के ग्वारीघाट में सीवेज का पानी नर्मदा जी में मिल रहा है। गhat पर एक सीवेज टैंक बनाया गया है, जिसमें कोई फ़िल्टर नहीं है। यह सीवेज नर्मदा जी में मिल रहा है और लालपुर ड्रिंकिंग वॉटर सप्लाई प्लांट, जो केवल 500 मीटर दूर है, के माध्यम से जबलपुर के लोगों को दिया जा रहा है। इससे कुछ ही दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है। कृपया @CMMadhyaPradesh, @KailashOnline और @mayornnj इस पर ध्यान दें।"
यह टिप्पणी इंदौर के भागीरथपुरा पानी प्रदूषण मामले के बाद आई है, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और कई परिवार प्रभावित हुए थे। इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता और सभी प्रभावितों को मुफ्त इलाज की घोषणा की थी।
कांग्रेस नेताओं ने राज्य की भाजपा सरकार को कठोर शब्दों में आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि इस घटना ने स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध इंदौर की छवि को धूमिल कर दिया। कांग्रेस नेता जितु पतवारी ने कहा, "यहां 17 से अधिक मौतें हुई हैं। सबसे दुखद बात यह है कि इंदौर स्वच्छता के लिए नंबर एक था, लेकिन अब यह शहर जहरीले पानी के लिए जाना जाएगा। मेयर काउंसिल और मोहन यादव सरकार इसके जिम्मेदार हैं।"
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने राज्य सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि विपक्ष आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस तरह से सरकार ने इस मामले में लापरवाही दिखाई, उससे इंदौर के लोग संकट में हैं। सिंघार ने कहा, "इंदौर में पाइपलाइन के माध्यम से पानी सप्लाई किया जाता है, इसलिए लोग सावधान रहें। हम इस मामले की पूरी जांच करेंगे और आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से सवाल करेंगे कि क्यों लोगों को आपकी गलतियों के लिए भुगतना पड़ रहा है।"
इस प्रकार, कांग्रेस ने न केवल तत्काल कार्रवाई की मांग की है बल्कि राज्य सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए हैं, ताकि जनता सुरक्षित पीने के पानी तक पहुंच सके।