नई दिल्ली
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में संगठन सृजन अभियान (SSA) से जुड़े राज्यों के महासचिवों, प्रभारी नेताओं और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों (PCC) के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पार्टी संगठन को जमीनी स्तर तक मज़बूत करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस समितियों को निर्देश दिया कि वे 15 दिनों के भीतर जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) का गठन पूरा करें। इसके साथ ही 30 दिनों में ब्लॉक कमेटियों और 60 दिनों के भीतर मंडल, ग्राम पंचायत एवं बूथ स्तर की कमेटियों के गठन को भी अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा गया। उन्होंने ज़ोर दिया कि इस प्रक्रिया में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों को समुचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
वेणुगोपाल ने यह भी निर्देश दिए कि संगठन को मज़बूत करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों और ज़मीनी मुद्दों पर बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।
SSA के तहत अब तक 14 राज्यों में 525 जिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति पूरी की जा चुकी है, जबकि छह अन्य राज्यों में इस प्रक्रिया की औपचारिक घोषणा कर दी गई है। बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि SSA कांग्रेस को नीचे से ऊपर तक एक सक्रिय और जनोन्मुख संगठन बनाने की दिशा में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने लिखा, “संगठन सृजन अभियान के तहत जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं, उन राज्यों के साथ आज एक विस्तृत और उत्पादक बैठक हुई। यह अभियान पार्टी को जमीनी स्तर से मजबूत करने का आधार है।”
इस बीच कांग्रेस नेता महेश कुमार गौड़ ने कहा कि ऐसी बैठकें हर महीने होती हैं और इनका उद्देश्य गांव से लेकर जिला स्तर तक संगठन को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों में गांव से लेकर DCC स्तर तक सभी नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं, आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से संगठन के विस्तार और बूथ स्तर तक मजबूती पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ज़्यादातर जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है और अब फोकस नीचे तक संगठन को सक्रिय करने पर है।कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन सृजन अभियान के ज़रिए पार्टी को चुनावी और जनआंदोलनों के लिए मज़बूत आधार मिलेगा और कार्यकर्ताओं की भूमिका निर्णायक होगी।




