Congress accuses BJP of adopting 'double standards' regarding alliance in Ambernath Municipal Corporation
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी ने अंबरनाथ महानगर पालिका में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन करने वाले पार्षदों को निलंबित कर दिया लेकिन सत्तारूढ़ दल अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहा, जिससे उसका दोहरा रवैया साफ झलकता है।
भाजपा ने 20 दिसंबर को हुए निकाय चुनाव के बाद अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के साथ ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (एवीए) के बैनर तले अंबरनाथ महानगर पालिका पर काबिज होने के लिए हाथ मिलाया था और सहयोगी शिवसेना को दरकिनार कर दिया था।
शिवसेना अंबरनाथ महानगर पालिका में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।
इस गठबंधन में अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल है।
कांग्रेस ने इस असहज स्थिति के मद्देनजर बुधवार को अपने 12 नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ-साथ ब्लॉक अध्यक्ष को भी निलंबित कर दिया।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के अनुसार, निलंबित 12 पार्षद बुधवार देर रात भाजपा में शामिल हो गए।
कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि बार-बार ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ की बात करने वाली भाजपा ने अपने पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई न कर अपना ‘पाखंड व दोहरा मापदंड’ उजागर कर दिया है जबकि यह खुलासा हो चुका था कि गठबंधन बनाने का प्रस्ताव स्वयं भाजपा की ओर से आया था।
सावंत ने अकोला जिले की अकोट महानगर पालिका में असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम के साथ भाजपा के गठबंधन की तुलना स्वतंत्रता-पूर्व काल से की, जब हिंदू महासभा ने कई क्षेत्रों में मुस्लिम लीग के साथ सत्ता साझा की थी।