मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अमित शाह से तेलंगाना में आईपीएस कैडर की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-03-2026
Chief Minister Revanth Reddy urges Amit Shah to increase the strength of IPS cadre in Telangana
Chief Minister Revanth Reddy urges Amit Shah to increase the strength of IPS cadre in Telangana

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और बढ़ती प्रशासनिक तथा सुरक्षा आवश्यकताओं का हवाला देते हुए राज्य में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की स्वीकृत संख्या में वृद्धि करने का अनुरोध किया।

यहां बुधवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, ‘‘बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने माओवादियों के आत्मसमर्पण और उनके पुनर्वास के मुद्दे पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने शाह को बताया कि पिछले दो वर्षों में तेलंगाना में पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं।’’
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान 591 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया और वे समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए। रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार नियमों के अनुसार उन्हें मुआवजा और पुनर्वास सहायता प्रदान कर रही है।
 
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के पिछड़े क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया।
 
बयान में कहा गया है कि रेड्डी ने शाह से राज्य की बढ़ती प्रशासनिक और सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप राज्य में आईपीएस अधिकारियों की स्वीकृत संख्या को 83 से बढ़ाकर 105 करने का भी आग्रह किया।
 
मुख्यमंत्री ने शाह को सूचित किया कि तेलंगाना राज्य के गठन के बाद पहली कैडर समीक्षा 2016 में की गई थी, जबकि अगली समीक्षा 2021 में होनी थी लेकिन वह देरी से 2025 में की गई। इसके बावजूद, राज्य को केवल सात अतिरिक्त आईपीएस अधिकारी आवंटित किए गए। उन्होंने अनुरोध किया कि तीसरी कैडर समीक्षा 2026 में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की जाए।
 
रेड्डी ने बताया कि देश के अन्य हिस्सों की तरह तेलंगाना भी साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, सफेदपोश अपराध और अन्य उभरते सुरक्षा खतरों सहित कई आधुनिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।
 
उन्होंने हैदराबाद, साइबरबाद और मलकाजगिरि पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन, फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट के प्रस्तावित गठन और हैदराबाद की तेजी से बढ़ती आबादी का हवाला देते हुए राज्य की बढ़ती प्रशासनिक आवश्यकताओं को रेखांकित किया।