Chhattisgarh Assembly pays tribute to Pandavani artist Teejan Bai on first day of monsoon session
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सोमवार को पंडवानी कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान सभी दलों के सदस्यों ने लोक कला और संस्कृति में उनके अहम योगदान को याद किया।
विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र, सदन के अध्यक्ष रमन सिंह द्वारा तीजन बाई के निधन का उल्लेख किए जाने के साथ शुरू हुआ। पांच जुलाई को 70 साल की उम्र में रायपुर के एम्स में तीजन बाई का निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विपक्ष के नेता चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री राजेश अग्रवाल और अन्य सदस्यों ने इस दिग्गज लोक कलाकार को श्रद्धांजलि दी।
उनके निधन को सांस्कृतिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपनी समृद्ध लोक परंपरा के सबसे बेहतरीन रत्नों में से एक को खो दिया है।
उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी गायन की 'कापालिक' शैली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अपनी असाधारण प्रतिभा से पारंपरिक कहानी कहने की कला के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गायन और अभिनय का उनका अनूठा मेल, किरदारों का जीवंत चित्रण और दमदार कहानी कहने की शैली ने दुनिया भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
साय ने कहा कि तीजन बाई का जीवन संघर्ष, समर्पण और दृढ़ता का एक प्रेरणादायक उदाहरण था।