आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने अपने कार्यकाल को शनिवार को ‘‘बेहद संतोषजनक’’ करार दिया।
जनरल चौहान ने शीर्ष सैन्य पद पर तीन साल एवं आठ महीने का कार्यकाल पूरा किया और इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।
लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) भारत के अगले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) के रूप में रविवार को पदभार संभालेंगे।
निवर्तमान सीडीएस ने तीनों सेनाओं की ओर से औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिए जाने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा कार्यकाल बेहद संतोषजनक और उत्कृष्ट रहा।’’
सेना की पूर्वी कमान के कमांडर रह चुके जनरल चौहान ने सितंबर 2022 में देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में पदभार संभाला था। इससे करीब नौ महीने पहले देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल चौहान ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना बनाने और इसे क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए भारत की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने एकीकृत सैन्य कमान बनाने की भारत की योजना, यानी ‘थिएटराइजेशन’ मॉडल को लागू करने की दिशा में भी कई कदम उठाए।