आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा रक्षा उत्पादन 2014 के 46 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले अगले महीने पौने दो लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा।
सिंह ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में रक्षा क्षेत्र में भारत की तीव्र प्रगति और रक्षा निर्यात में हुई बढ़ोत्तरी का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि 2014 के पहले भारत में छोटे-मोटे हथियारों के कलपुर्जों का निर्यात केवल एक हजार करोड़ रुपए का था लेकिन अब भारत का रक्षा क्षेत्र पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी तब से ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि भारत सही मायनों में सबसे ताकतवर कहलाए ताकि देश की सेनाओं को हथियार के लिए अन्य देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।
उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया' और ‘डिफेंस कॉरिडोर’ समेत कई कदमों से यह सुनिश्चित किया गया कि भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार भारत में ही निर्मित किये जाएं और अगर संभव हो तो हम उन्हें दूसरे देशों को बेच सके।
सिंह ने कहा, ‘‘जब हमने रक्षा क्षेत्र में निर्यात की ओर ध्यान देने की बात कही थी तो कई लोगों ने हमारी इस योजना को बड़ी शंका की नजर से देखा था, क्योंकि भारत का रक्षा क्षेत्र कभी अपने निर्यात के लिए नहीं जाना जाता था, आयात के लिए जाना जाता था।’’