सीडीएस ने अग्निवीरों के लिए दो साल के विस्तार की घोषणा की

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-11-2026
CDS announces two-year extension for Agniveers, says
CDS announces two-year extension for Agniveers, says "willing ones will be enrolled in forces"

 

नई दिल्ली 
 
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को केंद्र की 'अग्निपथ' योजना के तहत सेवा अवधि में दो साल के विस्तार की घोषणा की। मीडिया से बात करते हुए, CDS ने बताया कि इस योजना के तहत, जिन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से बाहर होना था, उन्हें अब दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि दी जाएगी। इसके बाद, जो अग्निवीर चाहें, वे सशस्त्र बलों में शामिल हो सकते हैं। CDS जनरल सुब्रमणि ने कहा, "आज भारतीय रक्षा बलों और हमारे 'अग्निवीरों' के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है। जैसा कि आप जानते हैं, 'अग्निपथ' योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। उस समय यह कहा गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाएगी। अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है।"
 
उन्होंने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए कहा, "इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर, हमें उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है। जैसा कि आप जानते हैं, योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाना है। पहले, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौटेंगे। लेकिन, अब इस अपडेट की गई योजना के तहत, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि दी जाएगी। इस दो साल की अवधि के पूरा होने पर, जो भी अग्निवीर इच्छुक होंगे, उन्हें एक तय चयन प्रक्रिया के जरिए सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा। इस योजना के ये चार मुख्य पहलू हैं।"
 
'अग्निपथ' योजना को केंद्रीय कैबिनेट ने 2022 में शुरू किया था, जिसके तहत 'अग्निवीरों' को संबंधित सेवा अधिनियमों (Service Acts) के अंतर्गत चार साल की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता है। यह फैसला सेवा की कम अवधि को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच आया है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने पुलिस और अन्य सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है।
इस योजना की शुरुआत युवाओं को देश की सेवा करने और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी, ताकि सशस्त्र बलों को युवा और गतिशील बनाया जा सके।