Calcutta High Court cancels relief given to Congress candidate in Nandigram by-election
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने शुक्रवार को एकल पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में पुलिस की कार्रवाई से अंतरिम राहत दी गई थी।
मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक कानून में किसी आरोपी को इस तरह की अंतरिम सुरक्षा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जमानत मांगने की स्वतंत्रता है और यदि उसे गिरफ्तारी की आशंका है तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।
न्यायमूर्ति ओम नारायण राय भी इस पीठ में शामिल हैं। पीठ ने बृहस्पतिवार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पुलिस को 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया था।
खंडपीठ ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और चुनाव लड़ रहे किसी व्यक्ति के लिए अलग मानदंड नहीं हो सकता।
एकल पीठ का आदेश रद्द होने के बाद कांथी एसीजेएम अदालत द्वारा प्रधान को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश प्रभावी रहेगा।