Pinarayi Vijayan के गुरुवायूर मंदिर दौरे पर भाजपा का सवाल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-05-2026
BJP questions Pinarayi Vijayan's visit to Guruvayur temple
BJP questions Pinarayi Vijayan's visit to Guruvayur temple

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
 केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर की यात्रा करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया है कि रविवार को मंदिर में ‘वीआईपी दर्शन’ को लेकर केरल उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया गया और आम श्रद्धालुओं को असुविधा हुई।

सतीशन ने रविवार को गुरुवायूर मंदिर में पूजा-अर्चना की और पारंपरिक ‘तुलाभारम’ अनुष्ठान भी किया।
 
भाजपा के वरिष्ठ नेता बी गोपालकृष्णन ने गुरुवायूर देवस्वोम प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया कि रविवार सुबह प्रतिबंधित समय के दौरान मुख्यमंत्री और उनके साथ आए नेताओं को विशेष वीआईपी दर्शन की सुविधा दी गई।
 
उन्होंने 24 मई को फेसबुक पर एक पोस्ट में दावा किया कि उच्च न्यायालय ने रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक वीआईपी दर्शन पर रोक लगाई है। साथ ही, मंदिर परिसर और मेलपथुर सभागार के आसपास वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध है।
 
गोपालकृष्णन ने आरोप लगाया कि सतीशन और उनके सहयोगियों को सुबह करीब साढ़े सात बजे से साढ़े नौ बजे के बीच 4,500 रुपये की अनिवार्य ‘श्रीकोविल नेयविलक्कु’ रसीद के बिना वीआईपी दर्शन कराया गया। नियमों के अनुसार अवकाश के दिनों में विशेष दर्शन के लिए यह रसीद लेना आवश्यक है।
 
मंदिर के नियमों के मुताबिक ‘नेयविलक्कु’ रसीद लेने वाले श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन की अनुमति मिलती है।
 
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद हिबी ईडन सहित कई वीआईपी लोगों ने मना करने के बावजूद मंदिर परिसर के आसपास वीडियो बनाये।
 
उन्होंने शिकायत में कहा, “जो लोग कानून की रक्षा करने के लिए जिम्मेदार हैं, उन्होंने ही उसका उल्लंघन किया है।” साथ ही चेतावनी दी कि यदि देवस्वोम प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
 
हालांकि, मंदिर का प्रबंधन करने वाले गुरुवायूर देवस्वोम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का दर्शन नियमों के अनुसार कराया गया था।
 
देवस्वोम ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि रविवार अवकाश का दिन होने के कारण सतीशन ने 4,500 रुपये की ‘श्रीकोविल नेयविलक्कु’ रसीद लेकर दर्शन किया था।
 
हालांकि, देवस्वोम की फेसबुक पोस्ट में विवाद का कोई उल्लेख नहीं किया गया।
 
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवायूर देवस्वोम के अध्यक्ष ए वी गोपीनाथ ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश में अवकाश के दिनों में वीआईपी दर्शन पर रोक है, लेकिन प्रथम दृष्टया मुख्यमंत्री और उनके दल द्वारा किसी नियम का उल्लंघन किये जाने का मामला नजर नहीं आता।