आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों ने राज्य संचालित निगम में करोड़ों रुपये के कथित गबन के मामले में आरोपी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को यहां विधान सौध तक मार्च निकाला।
विधायकों ने विधानसभा में प्रवेश करने की भी कोशिश की और वे मार्शलों के अवरोध को तोड़कर सदन में घुस गए। इन विधायकों ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी और उन्हें रोक रहे मार्शलों ने कहा कि सदन के अंदर काले रंग की टी-शर्ट पहनना प्रतिबंधित है।
विपक्ष के नेता आर. अशोक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
भाजपा और जद (एस) पिछले कई दिनों से नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, इससे पहले भी उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, ‘‘मंत्री नागेंद्र को हटाया जाए, उन्हें बर्खास्त किया जाए।’’
विधानसभा के प्रवेश द्वार पर काले रंग की टी-शर्ट पहने भाजपा और जद(एस) के विधायकों को मार्शलों ने रोक दिया।
मार्शलों द्वारा रोके जाने पर विधायकों ने आपत्ति जताई और उनकी मार्शलों से तीखी बहस हुई।
आर. अशोक ने नागेंद्र को लगातार समर्थन देने को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘सबूत होने के बावजूद, क्या सिर्फ एक व्यक्ति (नागेंद्र) को बचाने के लिए कांग्रेस द्वारा पूरे विधानसभा सत्र को बाधित किया जाना उचित है? क्या यह न्यायसंगत है? कांग्रेस नेताओं को मुझे जवाब देना चाहिए।’’