एम्स्टर्डम [नीदरलैंड]
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो अभी नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं, ने मंगलवार को मशहूर डच हॉकी दिग्गज फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से मुलाकात की। X पर इस मुलाकात की जानकारी देते हुए मान ने लिखा, "नीदरलैंड में ओलंपियन फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से मिलकर बहुत खुशी हुई। वह एक मशहूर डच हॉकी दिग्गज हैं, जो अपने बेहतरीन कौशल और खेल जगत में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनकी शानदार यात्रा और अनुभव हमारे युवा खिलाड़ियों को बहुत प्रेरित करेगा। मैंने उन्हें पंजाब आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया। वह हमारे खिलाड़ियों से मिलेंगे और आने वाली एशिया हॉकी चैंपियनशिप से पहले उनका हौसला बढ़ाएंगे। पंजाब खेल प्रतिभाओं को निखारने और हॉकी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।"
बोवेलैंडर को हॉकी के इतिहास में सबसे बेहतरीन पेनल्टी-कॉर्नर विशेषज्ञों में से एक माना जाता है। उन्होंने 1985 से 1996 के बीच डच राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और 241 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 215 गोल किए। नीदरलैंड के स्वर्णिम दौर में उनकी भूमिका बहुत अहम थी। उन्होंने टीम को कई बड़ी उपलब्धियां दिलाने में मदद की, जिनमें 1996 का ओलंपिक स्वर्ण पदक, 1990 का विश्व कप और 1987 की यूरोपीय चैंपियनशिप शामिल हैं।
1996 के अटलांटा ओलंपिक में उनका प्रदर्शन आज भी यादगार है। उस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने पेनल्टी-कॉर्नर के ज़रिए दो गोल करके अपनी टीम को स्वर्ण पदक दिलाया था। अपनी ज़ोरदार 'ड्रैग-फ्लिक' के लिए मशहूर बोवेलैंडर ने आधुनिक पेनल्टी-कॉर्नर तकनीकों को विकसित करने में अहम भूमिका निभाई और 'बड़े मैचों के खिलाड़ी' के तौर पर अपनी एक खास पहचान बनाई।
घरेलू स्तर पर भी उनका करियर काफी शानदार रहा। उन्होंने HC Bloemendaal के साथ खेलते हुए छह राष्ट्रीय खिताब जीते और डच लीग के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों में से एक के तौर पर अपनी जगह बनाई। भारतीय हॉकी का पारंपरिक गढ़ माने जाने वाला पंजाब आज भी शीर्ष स्तर की खेल प्रतिभाएं पैदा कर रहा है, जिनमें भारतीय टीम के मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत सिंह भी शामिल हैं। उम्मीद है कि बोवेलैंडर के साथ मान की इस मुलाकात से ज़मीनी स्तर पर हॉकी के विकास को और भी ज़्यादा बढ़ावा मिलेगा। यह डच दिग्गज जल्द ही पंजाब का दौरा करेंगे और आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले युवा खिलाड़ियों से मिलकर उनका मार्गदर्शन करेंगे।
खेलों के अलावा, मान की नीदरलैंड यात्रा का एक और अहम मकसद वैश्विक निवेश को आकर्षित करना भी है। इसी सिलसिले में उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ बैठकें तय की हैं, ताकि पंजाब को एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया जा सके।