आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल सरकार ने एक जुलाई से मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी (वीबी-जीरामजी) योजना को अधिसूचित कर दिया।
इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी आधारित रोजगार की गारंटी देने का वादा किया गया है।
सरकार ने कहा कि यह योजना चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे का विकास, आजीविका से जुड़ा बुनियादी ढांचा और तीव्र मौसम संबंधी घटनाओं के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य पर केंद्रित होगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, वीबी-जीरामजी योजना को अधिसूचित किया गया है, जो मनरेगा अधिनियम का स्थान लेगी।
विज्ञप्ति में बताया गया, “यह योजना एक जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी और राज्य के सभी अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी।”
विज्ञप्ति के मुताबिक, ग्रामीण कार्यों की योजना ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिसे ग्राम पंचायतें तैयार करेंगी और इसे प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ एकीकृत किया जाएगा।
इस योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से 60:40 के अनुपात में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगी।
बयान के अनुसार, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 8,508 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी को मंजूरी दी है, जबकि पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने हिस्से के रूप में 5,672 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।