Being left out of the PM-Shri scheme will cost Kerala dearly.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने सोमवार को कहा कि यदि राज्य केंद्र सरकार की पीएम-श्री योजना से बाहर निकलता है तो उसे 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो सकता है, क्योंकि पिछली एलडीएफ सरकार द्वारा किए गए समझौते में राज्य को एकतरफा योजना छोड़ने का अधिकार नहीं दिया गया है।
राज्य विधानसभा में इस केंद्र प्रायोजित योजना से बाहर निकलने के कानूनी और वित्तीय प्रभावों से जुड़े प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि समझौते के अनुसार योजना से हटने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है, राज्य के पास नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर केरल इस योजना से बाहर निकलता है तो पीएम-श्री विद्यालयों के लिए निर्धारित लगभग 1,000 करोड़ रुपये की सहायता से वह वंचित हो जाएगा।
समझौते के तहत राज्य के 152 स्थानीय स्वशासन विकास खंडों में से प्रत्येक से एक प्राथमिक और एक माध्यमिक विद्यालय का चयन किया जाना है। इस प्रकार योजना के तहत कुल 304 स्कूलों को शामिल किया जाएगा।
योजना के तहत प्रत्येक स्कूल को तीन वर्षों तक हर वर्ष एक करोड़ रुपये प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
शमसुद्दीन ने कहा कि यह भी सच है कि यदि समझौते का पालन नहीं किया गया तो केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र से संबंधित अन्य केंद्रीय सहायता भी रोक सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सरकार ने केंद्र से सहायता प्राप्त करने की उम्मीद में पीएम-श्री समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें समग्र शिक्षा (एसएसके) कार्यक्रम के तहत मिलने वाले लगभग 1,158 करोड़ रुपये भी शामिल थे।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि राज्य इस समझौते से पीछे हटता है तो उसे कुल मिलाकर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।’’