नई दिल्ली
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंगलवार को विजय चौक और उसके आसपास आयोजित होने वाली बीटिंग रिट्रीट समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार, रिहर्सल के दौरान आज शाम 4 बजे से 6 बजे तक कई प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे, ताकि कार्यक्रम का सुचारु आयोजन हो सके और इसमें शामिल टुकड़ियों व अधिकारियों की आवाजाही में कोई बाधा न आए।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान विजय चौक को आम यातायात के लिए पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इसके अलावा, विजय चौक की ओर जाने वाली कई संपर्क सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। इनमें कृषि भवन गोलचक्कर से विजय चौक की ओर जाने वाली रायसीना रोड, दारा शिकोह रोड गोलचक्कर के आगे, कृष्णा मेनन मार्ग गोलचक्कर और सुनेहरी मस्जिद गोलचक्कर से विजय चौक की ओर जाने वाला मार्ग शामिल है।
एडवाइजरी के मुताबिक, कर्तव्य पथ पर भी विजय चौक से रफी मार्ग–कर्तव्य पथ चौराहे तक यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की पहले से योजना बनाएं और रिहर्सल के समय इन मार्गों से बचें।
यात्रियों की सुविधा के लिए पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों का भी सुझाव दिया है। प्रतिबंधित समय के दौरान लोग रिंग रोड, रिज रोड, अरविंदो मार्ग, मदरसा टी-प्वाइंट, सफदरजंग रोड–कमाल अतातुर्क मार्ग, रानी झांसी रोड और मिंटो रोड जैसे रास्तों का उपयोग कर सकते हैं।
गौरतलब है कि बीटिंग रिट्रीट की फुल ड्रेस रिहर्सल 27 जनवरी को आयोजित की जा रही है, जबकि मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह 29 जनवरी को होगा। इसी के साथ 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन किया जाएगा।
इससे पहले सोमवार को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, सैन्य शक्ति और तकनीकी क्षमताओं की झलक देखने को मिली। परेड में यूरोपीय संघ (EU) की टुकड़ी ने भी भाग लिया, जिसमें चार ध्वजवाहक शामिल थे।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि रहे।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। परेड की शुरुआत ‘विविधता में एकता’ की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति से हुई, जिसने भारत की समृद्ध विरासत और एकता का संदेश दिया।




