आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीय प्रवासियों को उस देश के प्रति पूरी तरह वफादार रहना चाहिए जहां वर्तमान में वे रह रहे हैं।
होसबाले ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीय न सिर्फ अपने वर्तमान देश का बेहतर नागरिक बनने का प्रयास करें बल्कि यह भी सिद्ध करें कि हिंदू समाज स्थानीय जीवन के हर क्षेत्र में-चाहे वह नेतृत्व हो, समाजसेवा हो या कोई और दायित्व-सार्थक योगदान देने में सक्षम है।
अमेरिका की यात्रा पर आए होसबाले ने कहा कि यहां उनकी बातचीत का केंद्र मुख्यतः संघ के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करना रहा। उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से संघ के विरुद्ध जारी दुष्प्रचार के कारण अमेरिकियों के मन में इस सौ साल पुराने संगठन की एक विकृत छवि बन गई है।
होसबाले ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इन तमाम वर्षों में संघ इस विश्वास के साथ चुपचाप काम करता रहा कि हमारा काम ही हमारा संदेश है। लेकिन अब हमने सोचा कि लोगों तक सीधे पहुंचना बेहतर होगा। हमारा संदेश अब कार्यों से ही नहीं बल्कि हमारी कथनी से भी लोगों तक पहुंचना चाहिए।’’
होसबाले पिछले हफ्ते ब्रिटेन के दौरे के बाद अमेरिका पहुंचे। ब्रिटेन में उन्होंने शैक्षणिक जगत, विचारकों, नीति विशेषज्ञों और भारतीय प्रवासी समुदाय के विभिन्न वर्गों से मुलाकात की। यह सब संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे संपर्क अभियान का हिस्सा है।
संघ के सरकार्यवाह ने कहा कि संगठन के बारे में, खासतौर पर पश्चिमी देशों में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जहां संघ को हिंदू वर्चस्ववादी संगठन के रूप में देखा जाता है।