Babri Masjid is an emotional issue; Bengal may get a Muslim Chief Minister: Humayun Kabir
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि मुर्शिदाबाद में नयी बाबरी मस्जिद के निर्माण का भावनात्मक मुद्दा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक विमर्श को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि देश की आजादी के बाद, पहली बार राज्य में शासन की बागडोर एक मुस्लिम मुख्यमंत्री के हाथों में होगी, या इस समुदाय से उपमुख्यमंत्री होगा।
कबीर (62) ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार ने कहा कि उनका दल आम जनता उन्नयन पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन के तहत 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और खंडित जनादेश आने की स्थिति में सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
कबीर ने कहा, ‘‘अगर हमारी पार्टी सरकार बनाती है तो पहली बार कोई मुस्लिम मुख्यमंत्री बनेगा। लेकिन अगर हम सरकार नहीं भी बनाते हैं तो भी हमारे पास इतना संख्या बल होगा कि हमारे बिना कोई सरकार नहीं बन पाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में, मैं उपमुख्यमंत्री पद की मांग करूंगा। मैं यह स्पष्ट रूप से कह रहा हूं कि इस चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में मुस्लिम उपमुख्यमंत्री जरूर बनेगा, भले ही मुख्यमंत्री न बने। आप ये मुझसे लिखित में ले सकते हैं।’’
कबीर को तृणमूल नेतृत्व के साथ हुए मतभेदों के कारण पिछले साल पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने अयोध्या में ध्वस्त की गई बाबरी मस्जिद की तर्ज पर कुछ माह पहले मुर्शिदाबाद में एक मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया था। हालांकि, सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों, दोनों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
उन्होंने कहा, ‘‘बाबरी मस्जिद एक भावनात्मक मुद्दा है। मैंने अपने समुदाय के उस घाव पर मरहम लगाने की कोशिश की है। बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए अगर 100 मुसलमान वोट डालने जाते हैं तो उनमें से 80 मेरी पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देंगे। चार मई तक इंतजार कीजिए, आपके सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे।’’