Assam: Gauhati High Court Bar Association members on hunger strike to protest shifting of premises
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
‘गौहाटी हाई कोर्ट बार एसोसिएशन’ के सदस्यों ने असम सरकार के, अदालत परिसर को उत्तरी गुवाहाटी में स्थानांतरित करने के कदम के विरोध में बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय, छह घंटे की भूख हड़ताल शुरू की।
उत्तरी गुवाहाटी के रंगमहल में एक न्यायिक टाउनशिप के हिस्से के रूप में गौहाटी उच्च न्यायालय के एक नए परिसर का प्रस्ताव है और भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत 11 जनवरी को परिसर की आधारशिला रखने वाले हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के.एन. चौधरी के नेतृत्व में भूख हड़ताल गौहाटी उच्च न्यायालय के पुराने भवन के सामने पूर्वाह्न 10 बजे शुरू हुई। इस संबंध में मंगलवार को निर्णय लिया गया था।
बार एसोसिएशन ने बुधवार को एक बयान में कहा, “अपने रुख की शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के रूप में एसोसिएशन शांतिपूर्ण भूख हड़ताल करेगी।”
बार के सदस्य शुक्रवार और रविवार को भी भूख हड़ताल में भाग लेंगे, साथ ही बार एसोसिएशन ने नए उच्च न्यायालय परिसर के शिलान्यास समारोह में भी शामिल न होने का निर्णय लिया है।
बयान के मुताबिक, “आम सभा ने विचार-विमर्श के बाद, अपने उस रुख को दोहराया व पुनः पुष्ट किया, जो पहले के प्रस्तावों और एसोसिएशन द्वारा कराए गए जनमत संग्रह में भी सामने आया था। जनमत संग्रह में उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ को उसके वर्तमान स्थान से स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध किया गया था।”
बार एसोसिएशन, गुवाहाटी शहर के मध्य में अपने मौजूदा स्थान से ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी किनारे पर उच्च न्यायालय परिसर के स्थानांतरण का पुरजोर विरोध कर रहा है।
सरकार रंगमहल में 129 बीघा (लगभग 42.5 एकड़) भूमि पर एक नई न्यायिक इकाई के निर्माण की योजना बना रही है।
पिछले साल नवंबर में राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तरी गुवाहाटी में न्यायिक इकाई के निर्माण के लिए पहले चरण में 479 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।
इससे पहले, बार एसोसिएशन ने सभी हितधारकों और आम जनता के हित में परियोजना को तत्काल रोकने की मांग की थी।
गौहाटी उच्च न्यायालय वर्तमान में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर स्थित मध्य गुवाहाटी के उजान बाजार क्षेत्र में है।