आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
असम के मानस राष्ट्रीय उद्यान के आसपास रहने वाले 1,500 से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को वन अधिकारियों द्वारा आयोजित संपर्क कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के जरिए वन्यजीव और पारिस्थितिक संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ये पहल ‘मानस मित्र कार्यक्रम’ के तहत आयोजित की गईं। यह कार्यक्रम मानस राष्ट्रीय उद्यान एवं बाघ अभयारण्य ने स्थानीय समुदायों और संरक्षण प्रयासों के बीच संबंध मजबूत करने के लिए शुरू किया है।
क्षेत्र निदेशक सी. रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि यह कार्यक्रम 14 नवंबर, 2024 को बाल दिवस के अवसर पर बांसबारी रेंज में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत से इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानस परिदृश्य के पारिस्थितिक महत्व को लेकर समझ बढ़ाना और वन्यजीव संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना रहा है।’’
इस पहल के तहत इस वर्ष फरवरी से अभयारण्य के आसपास के गांवों में प्रकृति परिचय सत्र आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में 22 विद्यालयों के 1,537 विद्यार्थियों को शामिल किया गया।
इन सत्रों में बाघ अभयारण्य की जैव विविधता और पारिस्थितिक महत्व पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जागरूकता भी शामिल है। विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न के रूप में जानवरों के मुखौटे और विशेष रूप से तैयार पेंसिल भी दी गईं।