आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
साल की मजबूत शुरुआत के बाद वॉल स्ट्रीट की रफ्तार धीमी पड़ने का असर गुरुवार को एशियाई शेयर बाजारों पर भी दिखा। एशिया के ज्यादातर प्रमुख बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स भी कमजोर नजर आए।
जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.6 फीसदी गिरकर 51,117.26 पर बंद हुआ। इस गिरावट में तकनीकी शेयरों का बड़ा योगदान रहा। टेक निवेश पर केंद्रित सॉफ्टबैंक के शेयरों में 7.6 फीसदी की तेज गिरावट आई, जबकि सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता टोक्यो इलेक्ट्रॉन करीब 4 फीसदी फिसल गया।
हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.2 फीसदी टूटकर 26,143.17 पर आ गया। हालांकि इस दौरान एक दिलचस्प अपवाद भी देखने को मिला, जहां ओपनएआई के चीनी प्रतिद्वंद्वी झिपु के शेयर अपनी ट्रेडिंग की शुरुआत में ही इश्यू प्राइस से करीब 15 फीसदी ऊपर पहुंच गए।
चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ करीब 0.1 फीसदी नीचे 4,082.98 पर रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जो इस हफ्ते रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा था, लगभग स्थिर रहा और 4,552.37 पर हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।
ऑस्ट्रेलिया में एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स 0.3 फीसदी चढ़कर 8,720.80 पर पहुंचा, जबकि ताइवान का ताइएक्स 0.2 फीसदी से ज्यादा फिसल गया।
अमेरिका में भी बाजार की धारणा कमजोर रही। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स करीब 0.3 फीसदी नीचे रहे। बुधवार को वॉल स्ट्रीट की शुरुआती सालाना तेजी तब फीकी पड़ गई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से निवेशकों की चिंता बढ़ी।