आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मुंबई उच्च न्यायालय ने 2021 में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास एक गाड़ी से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे को जमानत देने के आदेश पर बुधवार को अंतरिम रोक लगायी।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दावा किया कि विशेष अदालत द्वारा वाझे को राहत देना ‘‘पूरी तरह गलत’’ था, क्योंकि उनका उद्देश्य आतंक फैलाना था और उन पर हत्या का आरोप भी था। इसके बाद उच्च न्यायालय ने जमानत पर अंतरिम रोक लगायी।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने दलील दी कि विशेष अदालत ने अनावश्यक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह सवाल तक किया कि क्या एनआईए उद्योगपति मुकेश अंबानी के परिवार के बयान दर्ज करने के लिए किसी ‘‘मुहूर्त’’ का इंतजार कर रहा था और यह टिप्पणी भी की कि कथित आतंकवादी खतरे के बावजूद परिवार अपनी जिंदगी का आनंद ले रहा था।
वाझे फिलहाल ठाणे केंद्रीय कारागार में हैं और मंगलवार को विशेष अदालत के आदेश के बाद उनकी जमानत से जुड़ी औपचारिकताएं अभी पूरी नहीं हुई थीं।