कोलकाता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आईटी प्रकोष्ठ से जुड़े दस्तावेजों और हार्ड डिस्क की जब्ती के प्रयासों के बीच आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईडी का यह अभियान पूरी तरह से "राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक" था।
बनर्जी ने दावा किया कि ईडी ने उनके आईटी सेल के प्रभारी जैन के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की, और पार्टी के आंतरिक दस्तावेजों, चुनावी रणनीतियों, और उम्मीदवारों की सूची को जब्त करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने पार्टी के महत्वपूर्ण डेटा को अपनी "सिस्टम" में स्थानांतरित कर लिया।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला करते हुए कहा कि "यह बदले की राजनीति" है और संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा "धन और बाहुबल" का उपयोग करके तृणमूल कांग्रेस को दबाने की कोशिश कर रही है।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि ईडी ने आई-पैक के सेक्टर-5 स्थित कार्यालय में छापेमारी शुरू की जब कोई वहां मौजूद नहीं था, और उन्होंने पार्टी के चुनावी डेटा को हटा लिया। उन्होंने कहा, “क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े इकट्ठा करना ईडी का काम है?”
वहीं, विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर रही हैं। अधिकारी ने इसे "अनैतिक और असंवैधानिक" करार दिया।
वर्तमान में ईडी द्वारा इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह घटना 2019 में हुए उस नाटकीय घटनाक्रम की याद दिलाती है, जब सीबीआई ने पश्चिम बंगाल पुलिस के तत्कालीन प्रमुख राजीव कुमार के बंगले पर छापेमारी की थी, और ममता बनर्जी ने वहां पहुंचकर धरना दिया था।





