जमात-ए-इस्लामी से संबंधों पर माकपा, भाजपा के हमलों के बीच पायलट ने किया 1971 की विरासत का उल्लेख

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
Amid attacks from CPI(M), BJP over Jamaat-e-Islami links, Pilot invokes 1971 legacy
Amid attacks from CPI(M), BJP over Jamaat-e-Islami links, Pilot invokes 1971 legacy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
केरल में जमात-ए-इस्लामी के साथ कथित चुनावी समझौते को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमलों का सामना कर रही कांग्रेस के नेता सचिन पायलट ने कहा कि उनकी पार्टी को राष्ट्रवाद पर किसी के उपदेश की जरूरत नहीं है। उन्होंने इन दलों को 1971 में पाकिस्तान के विभाजन में इंदिरा गांधी की भूमिका की याद दिलाई।
 
पायलट केरल के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं जहां कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं।
 
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है और भारत का संविधान वह पवित्र दस्तावेज है जिसमें वह (कांग्रेस) विश्वास करती है।
 
कांग्रेस नेता ने कहा कि हर धर्म और हर समुदाय को समान अधिकार हैं, कोई पक्षपात नहीं है और कांग्रेस ने हमेशा विकास और काम के नाम पर वोट मांगे हैं।
 
वह सत्तारूढ़ एलडीएफ और भाजपा के उन आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि कांग्रेस और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन है। इन दलों का दावा है कि जमात-ए-इस्लामी धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन नहीं करती, खासकर हाल ही में जमात नेतृत्व द्वारा दिए गए उस सार्वजनिक बयान के बाद, जिसमें उसने इस्लामी गणराज्य की अवधारणा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
 
पायलट ने कहा, ‘‘ यह मत भूलिए कि इंदिरा गांधी ने ही पाकिस्तान को दो हिस्सों में तोड़ा था, इसलिए राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मामले में हमें किसी के उपदेश की जरूरत नहीं है। कांग्रेस की साख हमेशा से धर्मनिरपेक्ष रही है, और मुझे यह कहते हुए गर्व होता है।’’
 
उन्होंने कहा कि भाजपा को देख लीजिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कुछ राज्यों में कुछ धर्मों के लोगों को टिकट नहीं देती। उन्होंने तर्क दिया कि यह धर्मनिरपेक्षता नहीं है और पार्टी विभिन्न राज्यों में परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग रुख अपनाती है।