Allowing SEZs to sell in the domestic market will reduce dependence on imports: Commerce Secretary
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) में स्थित इकाइयों को घरेलू बाजार में सामान बेचने की अनुमति देने के बजट प्रस्ताव से आयात पर निर्भरता घटेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि इस घोषणा का विवरण अगले दो-तीन महीनों में जारी कर दिया जाएगा।
सरकार ने रविवार को बजट में एक विशेष उपाय के रूप में एसईजेड इकाइयों को कुछ शर्तों और मात्रात्मक प्रतिबंधों के साथ घरेलू बाजार में रियायती आयात शुल्क दरों पर अपना माल बेचने की अनुमति देने की घोषणा की है।
यह इन क्षेत्रों की लंबे समय से लंबित मांग थी, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितताओं और श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर भारत में उच्च आयात शुल्क के कारण वे अपने अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू बाजार में नहीं बेच पा रहे थे।
सचिव ने कहा कि इस प्रस्ताव से अन्य देशों से आयात करने के बजाय एसईजेड इकाइयों से ही सामान खरीदने में मदद मिलेगी।
अग्रवाल ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘यह कदम आयात प्रतिस्थापन में मदद करेगा और बेहतर रोजगार सृजन सुनिश्चित करेगा। इससे घरेलू क्षेत्र की कंपनियों और एसईजेड इकाइयों के बीच प्रतिस्पर्धा के समान अवसर भी उपलब्ध होंगे।’’