Budget emphasizes investment to boost growth, deficit target reflects government's priority: Sitharaman
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बजट में आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए निवेश को प्राथमिकता दी गई है और राजकोषीय घाटे की स्थिति से पता चलता है कि सरकार की प्राथमिकता वृद्धि है।
सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करने के एक दिन बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव वैश्विक अनिश्चितता के कारण है और कई केंद्रीय बैंक पीली धातु में निवेश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे यह भी पता चलता है कि निवेशकों को किसी एक विशेष मुद्रा पर भरोसा नहीं है और इसीलिए सोने की खरीदारी में होड़ मची है।’’
वायदा एवं विकल्प खंड में प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) में वृद्धि के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि यह सट्टेबाजी वाले वायदा एवं विकल्प कारोबार में कदम रखने वालों को हतोत्साहित करने के लिए है।
बजट में वायदा अनुबंधों पर एसटीटी (प्रतिभूति सौदा कर) को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। विकल्प प्रीमियम और विकल्प उपयोग पर एसटीटी को मौजूदा क्रमश: 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
सेबी के अध्ययन के अनुसार, वायदा एवं विकल्प खंड में खुदरा निवेशकों के 90 प्रतिशत से अधिक सौदों में नुकसान होता है। पूंजी बाजार नियामक ने अतीत में इस तरह के लेन-देन को कम करने के लिए कदम भी उठाए हैं।
सीतारमण ने कहा, “हमने केवल वायदा एवं विकल्प व्यापार को ही छुआ है। जिसमें काफी सट्टेबाजी है। मुझे कई लोगों के फोन आए हैं, जो कह रहे हैं कि उनके बच्चे भारी नुकसान उठा रहे हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। एफ एंड ओ में एसटीटी की वृद्धि लोगों के इस क्षेत्र में कदम रखने को हतोत्साहित करेगी।’’