आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एवं केरल के पूर्व मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सोमवार को खबरों को ‘‘झूठा और बेबुनियाद’’ बताकर खारिज कर दिया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि पार्टी के कुछ नेताओं ने नौ अप्रैल के विधानसभा चुनाव में नेमम सीट पर उन्हें हराने के लिए भाजपा से रुपये लिए थे।
एक बयान में माकपा राज्य समिति के सदस्य ने कहा कि ये खबरों पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं की छवि खराब करने के इरादे से फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया के एक वर्ग में यह खबरें चलाई जा रही हैं कि नेमम में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे के उम्मीदवार को हराने के लिए माकपा के कुछ नेताओं ने भाजपा से रुपये लिए जो पूरी तरह झूठ है और तथ्यों से परे है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रचार सिर्फ पार्टी और लाखों ईमानदार कार्यकर्ताओं को समाज में बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संगठन जानबूझकर पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चर्चाओं को तोड़-मरोड़कर ‘‘मनगढ़ंत कहानियां’’ फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘नेमम और तिरुवनंतपुरम के पार्टी कार्यकर्ता और जनता फासीवादी ताकतों और दक्षिणपंथी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हैं। दक्षिणपंथी मीडिया लगातार इस राजनीतिक जागरुकता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।’’
उनका यह बयान उस खबर के एक दिन बाद आया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि माकपा के कुछ नेताओं ने नेमम में वाम मोर्चे के उम्मीदवार की हार सुनिश्चित करने के लिए भाजपा से रुपये लिए।
नेमम उन तीन विधानसभा सीट में से एक है, जो भाजपा ने नौ अप्रैल के केरल विधानसभा चुनाव में जीतीं।