Ajit Pawar seems to be involved in the plane crash, CID should investigate: Rohit Pawar
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद पवार) के विधायक रोहित पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि नासिक स्थित स्वयंभू बाबा अशोक खरात उनके चाचा एवं महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े घातक विमान हादसे से प्रथम दृष्टया संबंधित है।
उन्होंने मांग की कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) खरात से पूछताछ करे।
विमान दुर्घटना की जांच की स्थिति का जायजा लेने के लिए पुणे में सीआईडी कार्यालय का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि बारामती में एक छोटे नेता के माध्यम से दिवंगत अजित पवार के घर के बाहर कुछ तांत्रिक अनुष्ठान किए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अजित दादा के घर के पास एक बकरी लटकी हुई मिली थी। खरात ने एक किसान से कहा था कि पवार परिवार पर निकट भविष्य में हमला हो सकता है। बारामती का एक छोटा नेता अनुष्ठानों के लिए खरात के यहां जाया करता था और अजित दादा के करीबी नेताओं के संपर्क में था।”
उन्होंने पूछा, “सत्ताईस और 28 जनवरी को खरात के खाते में लेन-देन में अचानक इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई?”
खरात को मार्च में कई महिलाओं का यौन शोषण करने और लोगों को धोखा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
रोहित पवार ने कहा, ‘‘खरात की संलिप्तता अजित पवार की दुर्घटना से जुड़ी हुई प्रतीत होती है और सीआईडी को उसकी जांच करनी चाहिए। खरात ने ब्लैकमेल के लिए कुछ वीडियो जमा कर रखे थे, जबकि आम महिलाओं के वीडियो क्लिप सामने आए हैं।’’
सीआईडी जांच की स्थिति के बारे में रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने विमान दुर्घटना के संबंध में “कुछ सबूत” प्रस्तुत करने के लिए कार्यालय का दौरा किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘उस भयानक विमान दुर्घटना को तीन महीने हो गए हैं। पहली बार जब हम आए थे, सुनील रामानन्द (एडीजी, सीआईडी) मौजूद थे। दूसरी बार कुछ अन्य अधिकारी मौजूद थे। आज प्रमुख अधिकारी उपस्थित नहीं थे; वह एक क्रिकेट मैच के लिए मुंबई गए थे।’’
वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित एक लीयरजेट45 विमान 28 जनवरी की सुबह मुंबई से बारामती जाते समय बारामती हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई।
रोहित पवार ने हादसे के कुछ हफ्तों बाद पिछले महीने बेंगलुरु में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(1) के तहत “शून्य” प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उचित जांच के बजाय, वे (सीआईडी अधिकारी) पूछताछ करने की बात कर रहे हैं।