जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव लाएगी एआई प्रौद्योगिकी : अमिताभ कांत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
AI technology will transform every sphere of life: Amitabh Kant
AI technology will transform every sphere of life: Amitabh Kant

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
नीति आयोग के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कांत ने मंगलवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) एक अत्यंत परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी है जो जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव लाएगी।
 
उन्होंने वैश्विक असमानताओं को बढ़ने से रोकने के लिए एआई के सुलभ, किफायती, जवाबदेह और बहुभाषी होनी पर जोर दिया।
 
राष्ट्रीय राजधानी में ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में उन्होंने कहा कि भारत ने कम समय में दशकों की प्रगति को पीछे छोड़ दिया क्योंकि इसकी प्रणालियां ‘ओपन-सोर्स आर्किटेक्चर’, ‘ओपन एपीआई’ और वैश्विक पारस्परिकता पर आधारित हैं।
 
‘भारत की अगली एक अरब आबादी के लिए एआई: समावेशी एवं भविष्य के लिए तैयार वृद्धि के लिए अंतरपीढ़ीगत अंतर्दृष्टि’ विषय पर आयोजित सत्र में उन्होंने कहा, ‘‘ इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह अत्यंत परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकी है। यह हर क्षेत्र को छुएगी, जीवन के हर तरीके को बदल देगी। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा सुलभ, किफायती एवं जवाबदेही हो।’’
 
जी-20 के पूर्व शेरपा कांत ने कहा कि कृत्रिम मेधा में भारी निवेश हो रहा है, जिससे बड़ा व्यवधान उत्पन्न हो सकता है और समाज अत्यधिक असमान भी बन सकता है।
 
उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा प्रणालियां बहुभाषी होनी चाहिए, नहीं तो आबादी का बड़ा हिस्सा इससे अछूता रह जाएगा।
 
कांत ने कहा, ‘‘ चुनौती यह है कि क्या हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कृत्रिम मेधा गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों तक पहुंचे… क्या इससे नागरिकों के जीवन में बदलाव आ सकता है… क्या इससे शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण जैसे वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं में सुधार हो सकता है।’’
 
कांत ने जोर देकर कहा कि दुनिया आगे बढ़ रही है, ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि प्रौद्योगिकी की शक्ति का उपयोग कम विकसित देशों के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाए।