Abrogation of Article 370 is a 'brutal coup' against the people of Jammu and Kashmir: Sajad Lone
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने बुधवार को 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त किये जाने को जम्मू कश्मीर के लोगों के खिलाफ ‘‘क्रूर तख्तापलट’’ बताया, जबकि माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने इसे केंद्र और पूर्ववर्ती राज्य के बीच संबंधों पर ‘‘सुनियोजित हमला’’ करार दिया।
अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर जारी एक बयान में लोन ने कहा कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर के लोग ‘‘हमेशा नफरत और तिरस्कार की नजर से देखेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह जम्मू कश्मीर के लोगों के अधिकार छीनने का दिन था। जब सब कुछ छीन लिया गया -- अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35ए । और जले पर नमक छिड़कने के लिए जम्मू कश्मीर को केंद्र-शासित प्रदेश बना दिया गया।’’
लोन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देश भर के लोग एक दिन यह समझेंगे कि विशेष दर्जा उस वादे का हिस्सा था, जो भारत में विलय के समय जम्मू कश्मीर से किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि एक दिन ऐसा आएगा जब भारत के लोग यह समझेंगे कि ये वादे जम्मू कश्मीर के लोगों से विलय के समय किये गए थे। और धीरे-धीरे उन सभी वादों को पलट दिया गया। जम्मू कश्मीर के लोगों के पास जो कुछ भी थोड़ा-बहुत बचा था, उसे भी 5 अगस्त 2019 को बेरहमी से छीन लिया गया।’’
उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि जम्मू कश्मीर के लोगों को एक दिन फिर से ‘‘अधिकार देकर सशक्त बनाया जाएगा, न कि खैरात देकर।’’
तारिगामी ने कहा कि 5 अगस्त 2019 की घटनाओं ने भारत संघ और जम्मू कश्मीर के बीच के रिश्ते पर सुनियोजित हमला किया।
उन्होंने कहा, ‘‘सात साल बाद भी राजनीतिक गतिविधियों और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर कार्रवाई जारी है। विडंबना यह है कि इसे (केंद्र की) भाजपा सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है।’’