A flood of devotees gathered at the Ram Temple on New Year's Day.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ की वजह से राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिरों में वीआईपी दर्शन बंद करने पड़े तथा मंदिर प्रबंधन को स्थानीय लोगों से अपनी यात्रा टालने का अनुरोध करना पड़ा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं का लगातार आगमन राम मंदिर के महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आकर्षण को दर्शाता है और इसके साथ ही यहां आने वाले आगंतुकों की संख्या 2025 में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 नवंबर को 22 फुट की धार्मिक ध्वजा फहरा कर ध्वज आरोहण का अनुष्ठान संपन्न किया था।
अधिकारियों के अनुसार, नए साल और प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी सालगिरह से जुड़े समारोहों व अनुष्ठानों के लिए लाखों श्रद्धालु मंदिर शहर में उमड़ पड़े।
उन्होंने बताया कि समारोह के मद्देनजर ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी से नजर, वाहनों की गहन जांच और सुरक्षा बलों की तैनाती कर सतर्कता बढ़ा दी गयी।
अधिकारियों के मुताबिक, कानून व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर को कई जोन में बांट दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) सी. पी. त्रिपाठी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि शहर के अंदर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया और कुल 36 पार्किंग स्थल बनाए गए।
उन्होंने बताया कि होल्डिंग एरिया भी बनाए गए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को रोका जाएगा और चरणबद्ध तरीके से दर्शन के लिए भेजा जाएगा।
त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर वीवीआईपी यात्राओं के संबंध में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।