ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की सेवा कर बच्चे ने पेश की मिसाल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-05-2026
A child set an example by serving soldiers during Operation Sindoor.
A child set an example by serving soldiers during Operation Sindoor.

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 
 
 
भारत द्वारा पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ पिछले साल मई में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब के दूर-दराज के गांव के एक 11 वर्षीय बच्चे ने सेना की मदद कर पूरे देश को प्रेरित किया और देशभक्ति की मिसाल पेश की।
 
पंजाब के फिरोजपुर के तरणवाली गांव के शावन सिंह ने लगभग एक साल पहले पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अपने गांव में तैनात सेना के जवानों की स्वेच्छा से सेवा की, और उन्हें अपने घर से चाय, पानी, दूध और लस्सी लाकर दी।
 
ऑपरेशन सिंदूर की सालगिरह पर शावन ने कहा कि उसने सिर्फ अपने दिल की बात सुनी।
 
उन्होंने कहा, ‘‘जब ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए, मुझे लगा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए क्योंकि वे हमारे लिए लड़ रहे थे।’’
 
गांव में तैनात सैनिकों के बीच शावन पानी, चाय और छाछ के साथ मनमोहक मुस्कान की वजह से अजीज बन गया था।
 
शावन ने कहा, ‘‘मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि मुझे इसके लिए सम्मानित किया जाएगा।’’
 
शावन के पिता सोना सिंह ने कहा कि परिवार को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि उनके बेटे को इतना सम्मान मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘हम भारतीय सेना के बहुत आभारी हैं कि उन्होंने उसे प्रोत्साहित किया और उसके योगदान को सराहा। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारा बेटा एक दिन भारत के राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त करेगा और उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का अवसर मिलेगा।’’
 
पिता ने बताया कि शावन को विभिन्न कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में आमंत्रित किया जाता है, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहा है और भविष्य में सशस्त्र बलों में शामिल होने का सपना देखता है।
 
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान तनाव के मद्देनजर शावन के प्रयासों को काफी सराहना मिली। उस समय उसने दुश्मन के ड्रोन हमले और सीमा पार से गोलाबारी के खतरे की परवाह किये बिना अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों की सेवा की और उनके शिविरों में जाकर पानी, छाछ और चाय आदि पहुंचायी।