बचपन में जंक फूड खाने से जीवनभर बदल सकता है दिमाग, अध्ययन में बड़ा खुलासा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 30-05-2026
Eating junk food in childhood can change the brain for life, a big study reveals
Eating junk food in childhood can change the brain for life, a big study reveals

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
बचपन में अधिक मात्रा में जंक फूड खाना केवल तत्काल स्वास्थ्य पर ही असर नहीं डालता, बल्कि यह मस्तिष्क में ऐसे स्थायी बदलाव भी ला सकता है जो जीवनभर बने रह सकते हैं। एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि वसा और चीनी से भरपूर आहार कम उम्र में खाने की आदतों और भूख को नियंत्रित करने वाले मस्तिष्क के हिस्सों को प्रभावित कर सकता है, और इसके प्रभाव बाद में स्वस्थ आहार अपनाने के बावजूद बने रह सकते हैं।

यह शोध University College Cork के APC माइक्रोबायोम अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। अध्ययन के अनुसार, बचपन में अस्वास्थ्यकर भोजन का नियमित सेवन मस्तिष्क की उस प्रणाली को प्रभावित कर सकता है जो भूख और भोजन की मात्रा को नियंत्रित करती है। चौंकाने वाली बात यह है कि ये बदलाव तब भी बने रहे जब बाद में शरीर का वजन सामान्य हो गया और आहार में सुधार कर लिया गया।
 
शोधकर्ताओं का कहना है कि आज के बच्चों के आसपास अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की भरमार है। जन्मदिन की पार्टियों, स्कूल कार्यक्रमों, खेल गतिविधियों और अच्छे व्यवहार के पुरस्कार के रूप में भी मीठे और वसायुक्त खाद्य पदार्थ आम हो चुके हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के लगातार संपर्क से बच्चों की भोजन संबंधी पसंद और आदतें कम उम्र में ही विकसित हो जाती हैं, जो वयस्क होने तक जारी रह सकती हैं।
 
Nature Communications में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया कि कैलोरी से भरपूर लेकिन पोषणहीन खाद्य पदार्थों का शुरुआती जीवन में सेवन भोजन व्यवहार पर दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकता है। शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए प्रयोगों में देखा कि जिन जानवरों को बचपन में अधिक वसा और चीनी वाला आहार दिया गया था, उनमें वयस्क होने पर भी खाने की आदतों में बदलाव बना रहा।