Greenline Mobility to set up a fleet of LNG trucks with an investment of Rs 1,500 crore
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
एस्सार समूह की कंपनी ग्रीनलाइन मोबिलिटी सॉल्यूशंस ने शुक्रवार को कहा कि वह अगले तीन वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये का निवेश कर एलएनजी से चलने वाले ट्रकों का बेड़ा बढ़ाकर 10,000 करने और एलएनजी ईंधन स्टेशनों की संख्या 50 तक ले जाने की योजना बना रही है।
कंपनी ने कहा कि भारत में डीजल से चलने वाले ट्रकों के बेड़े के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्से को ही एलएनजी में बदल देने से ईंधन आयात में जो कमी आएगी, उसके जरिए हर साल पांच-छह अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है।
ग्रीनलाइन मोबिलिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मधुर तनेजा ने कहा कि लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए एलएनजी ट्रक ईंधन लागत में करीब 20 प्रतिशत तक कमी ला सकते हैं, क्योंकि इन ट्रकों की प्रति किलोमीटर ईंधन खपत कम होती है।
उन्होंने कहा कि एलएनजी ट्रक पारंपरिक डीजल ट्रकों की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में करीब 25 प्रतिशत, नाइट्रोजन ऑक्साइड में 85 प्रतिशत और हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों (पीएम) में 95 प्रतिशत तक कमी लाते हैं।
तनेजा ने कहा कि कंपनी फिलहाल करीब 1,000 एलएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन कर रही है और अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 10,000 से अधिक करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, एलएनजी स्टेशन की संख्या मौजूदा सात से बढ़ाकर इस वर्ष 25 और अगले वर्ष 50 करने की योजना है।
कंपनी ने कहा कि भारत में डीजल से चलने वाले ट्रकों के बेड़े के सिर्फ 10 प्रतिशत हिस्से को ही एलएनजी में बदल देने से ईंधन आयात में जो कमी आएगी, उसके जरिए हर साल पांच-छह अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है।
ग्रीनलाइन मोबिलिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मधुर तनेजा ने कहा कि लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों के लिए एलएनजी ट्रक ईंधन लागत में करीब 20 प्रतिशत तक कमी ला सकते हैं, क्योंकि इन ट्रकों की प्रति किलोमीटर ईंधन खपत कम होती है।
उन्होंने कहा कि एलएनजी ट्रक पारंपरिक डीजल ट्रकों की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में करीब 25 प्रतिशत, नाइट्रोजन ऑक्साइड में 85 प्रतिशत और हवा में मौजूद बहुत छोटे कणों (पीएम) में 95 प्रतिशत तक कमी लाते हैं।
तनेजा ने कहा कि कंपनी फिलहाल करीब 1,000 एलएनजी और इलेक्ट्रिक ट्रकों का संचालन कर रही है और अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 10,000 से अधिक करने का लक्ष्य है। इसके अलावा, एलएनजी स्टेशन की संख्या मौजूदा सात से बढ़ाकर इस वर्ष 25 और अगले वर्ष 50 करने की योजना है।