नई दिल्ली।
अभिनेता राजपाल यादव अपने करीबी सहयोगी और अभिनेता मुश्ताक खान से उनके निधन से कुछ घंटे पहले अस्पताल में मिले थे। इस दौरान राजपाल ने मुश्ताक का हाथ थामकर उनसे काफी देर तक बातचीत की। मुश्ताक ने भी उनकी बातें ध्यान से सुनीं और जवाब दिए। लेकिन इस मुलाकात के कुछ ही घंटे बाद मुश्ताक खान का निधन हो गया।
राजपाल यादव के लिए यह आखिरी मुलाकात बेहद भावुक कर देने वाली थी। मुश्ताक के निधन के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर उस मुलाकात को याद किया और बताया कि कुछ घंटे पहले तक वह जिस शख्स से बातचीत कर रहे थे, उसके अचानक चले जाने पर उन्हें यकीन नहीं हो रहा है।
राजपाल यादव ने अपनी भावुक पोस्ट में लिखा कि वह दोपहर में मुश्ताक भाई से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने उनसे काफी देर तक बातचीत की। मुश्ताक ने उनसे हाथ भी मिलाया और उनकी हर बात ध्यान से सुनी। राजपाल के मुताबिक, मुश्ताक उस समय उनकी बातों का जवाब भी दे रहे थे। लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही उनके निधन की खबर सामने आ गई।
मुश्ताक खान के निधन की खबर सामने आने के बाद राजपाल यादव ने सबसे पहले अस्पताल से एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था। बाद में उन्होंने वह वीडियो हटा दिया और मुश्ताक की एक तस्वीर पोस्ट की। तस्वीर के साथ उन्होंने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि सभी लोग सर्वशक्तिमान की इच्छा के आगे नतमस्तक हैं। उन्होंने मुश्ताक को लोकप्रिय और सबका चहेता अभिनेता बताते हुए उनकी आत्मा को श्रद्धांजलि दी।
मुश्ताक खान बॉलीवुड में अपने अलग अंदाज और कॉमिक भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते थे। फिल्म ‘वेलकम’ में उनका किरदार आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय है। फिल्म में उनका संवाद ‘मेरा एक टांग नकली है...’ काफी चर्चित हुआ था। फिल्म रिलीज होने के वर्षों बाद भी मुश्ताक के इस किरदार और संवाद को याद किया जाता रहा।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुश्ताक खान का 24 सितंबर को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हुआ। वह 56 वर्ष के थे। बताया गया है कि वह लंबे समय से लीवर कैंसर से जूझ रहे थे। निधन से करीब 15 दिन पहले उनका मुंबई के नानावती अस्पताल में इलाज चल रहा था।
मुश्ताक के निधन की खबर के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर है। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और सहयोगियों ने उन्हें याद किया। राजपाल यादव के लिए यह दुख इसलिए भी गहरा है क्योंकि उन्होंने मुश्ताक से उनके जीवन के अंतिम घंटों में मुलाकात की थी।
उस आखिरी मुलाकात में दोनों के बीच हुई बातचीत अब राजपाल की यादों का हिस्सा बन चुकी है। मुश्ताक की स्थिति उस समय गंभीर थी, लेकिन उन्होंने राजपाल की बातें सुनीं और उनसे बातचीत भी की। कुछ ही घंटे बाद उनके निधन ने इस मुलाकात को बेहद भावुक स्मृति में बदल दिया।