मुंबई।
भारतीय रंगमंच और समानांतर सिनेमा की दिग्गज हस्ती, प्रख्यात मराठी रंगकर्मी, निर्देशक और अभिनेत्री Vijaya Mehta विजय मेहता का मंगलवार को उनके मुंबई स्थित आवास पर निधन हो गया। वह 91 वर्ष की थीं। रंगमंच की दुनिया में उन्हें स्नेहपूर्वक "बाई" के नाम से जाना जाता था। विजय मेहता ने आधुनिक भारतीय थिएटर और सिनेमा को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उनके निधन की जानकारी अभिनेता Anupam Kher अनुपम खेर ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। अनुपम खेर ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो और संदेश पोस्ट करते हुए विजय मेहता को भारतीय रंगमंच की सबसे महान हस्तियों में से एक बताया।
अनुपम खेर ने लिखा, "विजय मेहता भारत की उन चुनिंदा रंगमंचीय प्रतिभाओं में थीं, जिन्होंने अभिनय और निर्देशन की कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मुझे 'राव साहेब' और 'पेस्टनजी' जैसी फिल्मों में उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला। उस समय तक मैं कुछ फिल्में कर चुका था और मुझे लगता था कि मैं अभिनय के बारे में बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन उनके साथ हर रिहर्सल ने मुझे एहसास कराया कि अभिनय की दुनिया कितनी विशाल है।"
उन्होंने आगे कहा कि विजय मेहता कभी अपना ज्ञान थोपती नहीं थीं, बल्कि अपने व्यवहार और संवेदनशीलता से कलाकारों को सीखने के लिए प्रेरित करती थीं। "उन्होंने कभी अपनी आवाज ऊंची नहीं की, बल्कि हमारे मानकों को ऊंचा किया। उनका अनुशासन गरिमा से भरा हुआ था और उनकी प्रतिभा सादगी में छिपी हुई थी।"
अनुपम खेर ने विजय मेहता को उनकी उदारता, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने कलाकारों को यह सिखाया कि अभिनय केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन को समझने की प्रक्रिया है।
विजय मेहता के निधन पर राजनीतिक और सांस्कृतिक जगत की कई हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता Ashish Shelar आशीष शेलार ने कहा कि विजय मेहता ने अपनी रचनात्मक दृष्टि, विशिष्ट निर्देशन शैली और रंगकला के प्रति समर्पण से मराठी ही नहीं, बल्कि भारतीय रंगमंच को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
विजय मेहता मुंबई के प्रसिद्ध रंगमंच समूह Rangayan रंगायन की संस्थापक सदस्यों में शामिल थीं। इस समूह की स्थापना उन्होंने प्रसिद्ध नाटककार Vijay Tendulkar विजय तेंदुलकर, वरिष्ठ अभिनेता Arvind Deshpande अरविंद देशपांडे और Shreeram Lagoo श्रीराम लागू के साथ मिलकर की थी।
करीब छह दशक लंबे अपने करियर में विजय मेहता ने 'एक शून्य बाजीराव' और 'अजब न्याय वर्तुलाचा' जैसे चर्चित नाटकों का निर्देशन किया। उन्होंने 'राव साहेब' और Pestonjee 'पेस्टनजी' जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया, जिन्हें समीक्षकों ने काफी सराहा।
4 नवंबर 1934 को बड़ौदा में जन्मी विजय मेहता ने प्रसिद्ध रंगकर्मी Ebrahim Alkazi इब्राहिम अल्काजी और आदि मर्जबान से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उन्हें वर्ष 1986 में Padma Shri पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें 1975 में निर्देशन के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 2012 में टैगोर रत्न और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।
रंगमंच के अलावा विजय मेहता ने भारतीय समानांतर सिनेमा में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी। Kalyug 'कलयुग' और Party 'पार्टी' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है।
विजय मेहता का निधन भारतीय रंगमंच और सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके योगदान और रचनात्मक विरासत को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।