बादशाह को 12 करोड़ की कार खरीदने पर पछतावा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 28-01-2026
The emperor regretted buying the 12 crore car.
The emperor regretted buying the 12 crore car.

 

नई दिल्ली

बॉलीवुड और इंडियन रैप के ‘बैड बॉय’ बादशाह की लोकप्रियता जितनी आसमान छू रही है, उतनी ही उनकी दौलत भी चर्चा का विषय बनी रहती है। लेकिन हाल ही में उन्होंने एक ऐसी लग्जरी कार खरीदने का फैसला किया, जिस पर उन्हें अब पछतावा है।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बादशाह ने बताया कि एक महीने पहले उन्होंने अचानक ‘रोल्स रॉयस कलिनन सीरीज 2’ मॉडल की कार खरीदी। इस कार की बाजार कीमत करीब 12.45 करोड़ रुपये है। इस खरीददारी के बाद बादशाह मुकेश अंबानी, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसी गिने-चुने अमीर हस्तियों की सूची में शामिल हो गए।

बादशाह ने कार खरीदने के पीछे की कहानी साझा करते हुए कहा, “यह निर्णय पूरी तरह अचानक लिया गया। मुझे लगा कि मुझे इसे आज ही खरीदना चाहिए, इसलिए मैं तुरंत बाहर चला गया। कार खरीदने के कुछ ही पलों तक मुझे राजा जैसा महसूस हुआ। लेकिन केवल 15 मिनट के भीतर ही वह उत्साह खत्म हो गया।”

उन्होंने खुलासा किया कि महंगी चीजें खरीदने का आकर्षण उन्हें हमेशा रहा है। महंगे कपड़े, जूते या अन्य विलासिता की वस्तुएँ देखते ही उनका मन प्रसन्न हो जाता है। हालांकि, अब वह स्वीकार करते हैं कि इस कार को खरीदना सिर्फ एक भावनात्मक निर्णय था।

बादशाह ने कहा, “जब आपके हाथ में सबसे महंगी चीज़ होती है, तो अगला लक्ष्य खोज पाना मुश्किल हो जाता है। यही खालीपन और संतोष की कमी पछतावे की शुरुआत का कारण बनती है।” उन्होंने यह भी बताया कि हालांकि यह कार शानदार है, लेकिन लग्जरी का असली आनंद सिर्फ पहली झलक तक ही महसूस होता है, उसके बाद भावना का उत्साह धीरे-धीरे कम हो जाता है।

इस अनुभव के बाद बादशाह ने यह संदेश भी साझा किया कि दौलत और महंगी चीजों का मोह अक्सर क्षणिक खुशी देता है, लेकिन लंबे समय तक संतोष की अनुभूति नहीं कराता। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अब वह खरीदारी में अधिक सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से निवेश करेंगे।

बादशाह का यह अनुभव यह दर्शाता है कि सफलता और दौलत के बावजूद भी इंसान भावनात्मक निर्णयों और आकस्मिक इच्छाओं का शिकार हो सकता है। उनके इस खुलासे से फैंस को यह भी समझने का मौका मिला कि विलासिता और लग्जरी के पीछे भी कभी-कभी पछतावा छिपा होता है।