कोलकाता।
बॉलीवुड और भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रभावशाली आवाज़ों में शुमार अरिजीत सिंह ने फिल्मी और पार्श्व गायन से संन्यास लेने की घोषणा कर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया है। दो दशकों से भी अधिक समय से हिंदी, बंगाली और अन्य भारतीय भाषाओं में अपनी भावपूर्ण गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत का यह फैसला उनके चाहने वालों के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
खुद अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस साहसिक कदम के पीछे की वजह साझा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक ही तरह का काम लंबे समय तक करते-करते वे भीतर से थक और ऊब चुके थे। अरिजीत ने लिखा,
“मैंने पहले भी इस तरह का फैसला लेने के बारे में सोचा था, लेकिन तब हिम्मत नहीं जुटा पाया। अब वह हिम्मत आ गई है। सच कहूं तो एक ही काम को बार-बार करना मुझे उबाने लगता है। शायद यही वजह है कि मैं अपने गानों में लगातार नए प्रयोग करता रहता हूं। इस बार मैंने खुद को पूरी तरह नए तरह के संगीत की खोज में झोंकने का फैसला किया है।”
हालांकि, सिर्फ बोरियत ही अरिजीत के इस फैसले की वजह नहीं है। इसके पीछे एक सकारात्मक और दूरदर्शी सोच भी छिपी है। उन्होंने माना कि वह अब नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए जगह बनाना चाहते हैं। अरिजीत के मुताबिक,
“मैं नए कलाकारों के गाने सुनना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि उनकी आवाज़ें, उनके विचार और उनका संगीत मुझे नई प्रेरणा देंगे। अब मेरी दिलचस्पी खुद से ज़्यादा दूसरों को आगे बढ़ते देखने में है।”
अरिजीत सिंह ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में तेलुगु फिल्म ‘केडी’ से की थी। बॉलीवुड में उन्हें पहचान फिल्म ‘मर्डर 2’ से मिली, लेकिन असली मुकाम 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ के सुपरहिट गानों से हासिल हुआ। इसके बाद अरिजीत ने लगभग 20 वर्षों तक भारतीय फिल्म संगीत पर एकछत्र राज किया और रोमांटिक गीतों की परिभाषा ही बदल दी।
संन्यास के बावजूद अरिजीत संगीत से पूरी तरह दूरी नहीं बना रहे हैं। वे इस दौर को एक रचनात्मक ब्रेक के तौर पर देख रहे हैं, जिसमें वे नई शैलियों, नए साउंड और अलग-अलग संगीत प्रयोगों पर काम करेंगे। साफ है कि प्लेबैक गायन से विदाई भले ही एक युग का अंत हो, लेकिन अरिजीत सिंह के संगीत सफर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।