राजस्थान: भूपेंद्र यादव और रणदीप हुड्डा ने ‘इंटरनेशनल टाइगर मैराथन’ के पदक का किया अनावरण

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 08-01-2026
Rajasthan: Bhupendra Yadav and Randeep Hooda unveiled the medal for the ‘International Tiger Marathon’.
Rajasthan: Bhupendra Yadav and Randeep Hooda unveiled the medal for the ‘International Tiger Marathon’.

 

जयपुर।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने बुधवार को अलवर में आयोजित होने वाली ‘इंटरनेशनल टाइगर मैराथन’ के लिए पदक और आधिकारिक टी-शर्ट का अनावरण किया। यह मैराथन आगामी 8 फरवरी को राजस्थान के अलवर जिले में आयोजित की जाएगी और इसे विश्व स्तर पर एक अनूठा आयोजन माना जा रहा है।

इस अवसर पर भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य बाघ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बताया कि बाघ केवल वन्यजीव ही नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत का प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से आम लोगों, खासकर युवाओं को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय मैराथन में देश-विदेश से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 25 हजार से अधिक लोग हिस्सा ले सकते हैं, जिनमें युवा, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश जाएगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

अभिनेता रणदीप हुड्डा ने इस अवसर पर कहा कि यह अलवर और पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है कि वह दुनिया की पहली ऐसी मैराथन की मेजबानी कर रहा है, जो पूरी तरह बाघ संरक्षण को समर्पित है। उन्होंने कहा, “सरिस्का एनसीआर क्षेत्र का एकमात्र बाघ अभयारण्य है और यह मैराथन फिटनेस के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण का भी संदेश देगी।”

हुड्डा ने यह भी बताया कि इस मैराथन में दक्षिण अफ्रीका, केन्या और इथियोपिया जैसे देशों से अंतरराष्ट्रीय धावक हिस्सा लेंगे। उनके अनुसार, इस तरह के वैश्विक प्रतिभागियों की मौजूदगी से अलवर को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक नई पहचान मिलेगी।

आयोजकों का मानना है कि ‘इंटरनेशनल टाइगर मैराथन’ न केवल खेल आयोजन होगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य और सतत विकास के संदेश को एक साथ जोड़ने वाला मंच साबित होगा।